DNN सोलन
हिमाचल के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मशरूम की खेती को व्यापक स्तर पर अपनाकर प्रदेश के किसान अपनी आय में आशतीत बढ़ौतरी कर सकते हैं। राज्यपाल आज सोलन के चम्बाघाट स्थित खुम्ब अनुसंधान निदेशालय में खुम्ब उत्पादन एवं अनुसंधान के विषय में वैज्ञानिकों से विचार-विमर्श करने के उपरान्त सम्बोेधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खुम्ब उत्पादन के लिए सर्वथा अनुकूल वातावरण उपलब्ध है और प्रदेश के किसानों को वृहद स्तर पर खुम्ब उत्पादन अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल में छोटा राज्य होने के बावजूद भी देश में खुम्ब उत्पादन में हिमाचल का पांचवा स्थान है, जोकि सराहनीय है। उन्होंने खुम्ब अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिकांे को निर्देश दिए कि खुम्ब की नवीन किस्मों एवं इनके उत्पादन के विषय में जानकारी किसानों तक पहुंचाएं ताकि किसान इनसे लाभान्वित हो सकें।
बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि वर्ष 2022 तक देश तथा प्रदेश में किसानों की आय को दोगुना करने के लिए वैज्ञानिकों को खेत तक नवीन अनुसंधान तथा तकनीक की जानकारी पंहुचाना आवश्यक है। इस दिशा में खुम्ब जैसे कम लागत में अधिक लाभ देने वाले कृषि उत्पाद एवं प्राकृतिक खेती विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि खुम्ब को अपने औषधीय गुणोें के लिए भी जाना जाता है और किसानों को मश्रूम की औषधीय किस्मों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने इस अवसर पर सोलन ज़िला में प्राकृतिक खेती के विषय में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निदेशलय की विभिन्न प्रयोगशालाओं में व्यवहारिक जानकारी भी प्राप्त की।
उन्होंने निदेशालय प्रांगण में कैमिलिया का पौधा भी रोपा।
निदेशालय में इस अवसर पर निदेशक डाॅ. वी.पी. शर्मा ने राज्यपाल को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से खुम्ब उत्पादन एवं निदेशालय की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
राज्यपाल ने तदोपरान्त सोलन के सुबाथु के समीप कटनी स्थित ध्यानयोग आश्रम का दौरा भी किया। उन्होंने आश्रम में औषधीय उत्पादों एवं ध्यान योग के विषय में जानकारी प्राप्त की तथा गौ सदन का निरीक्षण किया।