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शिमला, 3 नवंबर। एसजेवीएन के शीर्ष प्रबंधन ने नेपाल में संचालित जलविद्युत परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। वहीं, 669 मेगावाट की लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना के तहत प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को शुरू करने की दिशा में तैयारियों की समीक्षा की गई।
काठमांडू में नेपाल सरकार के साथ उच्चस्तरीय आधिकारिक विचार-विमर्श के बाद एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे और निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल ने पूर्वी नेपाल में स्थित परियोजना स्थलों का दौरा किया।
इस दौरान प्रबंधन ने 900 मेगावाट की महत्वाकांक्षी अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के बांध स्थल और विद्युत गृह स्थल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परियोजना के जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों, तकनीकी मानकों और निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया।
इसके बाद एसजेवीएन के शीर्ष प्रबंधन ने डाउनस्ट्रीम स्थित 669 मेगावाट की लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना का भी निरीक्षण किया। इस दौरान नवंबर 2026 से प्रस्तावित निर्माण गतिविधियों को शुरू करने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई।
परियोजना स्थलों पर तैनात एसजेवीएन, एसएपीडीसी और एसएलपीडीसी की टीमों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद कार्य कर रहे इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन रणनीतिक परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए सभी टीमों की प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इस दौरान परियोजना प्रबंधन और निर्माण कार्यों में लगी ठेकेदार एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रबंधन ने संबंधित एजेंसियों को पर्याप्त संसाधन जुटाने, निर्माण स्थल पर आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान करने और कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि अरुण-3 और लोअर अरुण जलविद्युत परियोजनाएं भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय स्वच्छ ऊर्जा सहयोग की महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। इनके माध्यम से क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है। एसजेवीएन ने इन परियोजनाओं को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।














